खुशखबरी: गाय-भैंस पालो, डेयरी या चिलिंग प्लांट लगाओ, 25% तक सब्सिडी देगी सरकार

डेयरी टुडे नेटवर्क,
जयपुर, 30 मई 2018,

किसानों की आय दोगुनी करने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा गाय-भैंस पालने, डेयरी खोलने और मिल्क चिलिंग प्लांट लगाने सहित 9 काम करने वालों के लिए प्रोत्साहन देने वाली योजना चलाई जा रही है। डेयरी उद्यमिता विकास योजना (डीईडीएस) नामक इस योजना में सरकार की ओर से सामान्य वर्ग के उद्यमी को लागत का 25 फीसदी और एससी-एसटी वर्ग को 33 फीसदी तक सब्सिडी देने का प्रावधान किया है। किसान या इच्छुक व्यक्ति, समूह या सहकारी समिति इसके लिए असीमित राशि का प्लान बनाकर दे सकता है, लेकिन सब्सिडी तय लागत राशि के अनुपात में ही दी जाएगी। सब्सिडी की राशि सारी किश्तें चुकाने के बाद सीधे आवेदक के बैंक खाते में जाएगी। आवेदक को पहली किश्त जारी होने के बाद बैंक ही नाबार्ड में सब्सिडी के लिए आवेदन करेगा। नाबार्ड पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर सब्सिडी जारी करेगा। पशुपालन विभाग के अधिकारियों के प्रयासों से नाबार्ड ने इस बार राजस्थान को 28 करोड़ 97 लाख रुपए की सब्सिडी जारी की है, जो देश में दूसरे स्थान पर है।

योजना में शामिल काम और निर्धारित लागत

1. दुधारु साहीवाल, रेड सिंधी, गिर, राठी आदि 10 गाय या भैंसों के साथ डेयरी यूनिट लगाने पर : 10 पशुओं की यूनिट की अधिकतम लागत 7 लाख रुपए मान्य होगी।

 

2. क्रॉस ब्रीड या भारतीय नस्ल की बछिया, बछड़ी या भैंसों के बछड़े पालन व विकास पर : 20 बछड़ों की यूनिट की अधिकतम लागत 9.70 लाख रुपए मान्य होगी।

 

3. दुधारु पशुओं की यूनिट के साथ वर्मी कंपोस्ट लगाने पर : यूनिट की अधिकतम लागत 25,200 रुपए मानी जाएगी।

 

4. मिल्किंग मशीन, दूध को अभिशीतन करने की मशीन (5000 लीटर क्षमता) खरीदने पर : यूनिट की अधिकतम लागत 20 लाख रुपए मान्य होगी।

 

5. दूध उत्पाद बनाने के लिए डेयरी प्रोसेसिंग उपकरण खरीदने पर : उपकरणों की अधिकतम लागत 13.20 लाख रुपए मान्य होगी।

 

6. दुग्ध उत्पादों के परिवहन की सुविधा और कोल्ड चैन स्थापित करने पर : स्थापना की अधिकतम लागत 26.50 लाख रुपए मान्य होगी।

 

7. दूध और दुग्ध उत्पादों के लिए कोल्ड स्टोरेज की सुविधा स्थापित करने पर : अधिकतम लागत 33 लाख रुपए मान्य होगी।

 

8. निजी पशु चिकित्सा क्लिनिक स्थापित करने पर : मोबाइल यूनिट के लिए अधिकतम लागत 2.60 लाख रुपए और स्थायी के लिए 2 लाख रुपए मान्य होगी।

 

9. डेयरी मार्केटिंग आउटलेट या डेयरी पार्लर स्थापित करने पर : अधिकतम लागत 3 लाख रुपए मान्य होगी।

 

ये कर सकते हैं आवेदन

राजस्थान पशुपालन निदेशालय में उपनिदेशक (बैंक प्रोजेक्ट) डॉ. रमेश कुमार गोदारा ने बताया कि किसान, एकल उद्यमी, असंगठित या संगठित क्षेत्र के समूह, स्वयं सहायता समूह, डेयरी कॉपरेटिव सोसायटी, दुग्ध उत्पादकों के संघ, मिल्क फैडरेशन और पंचायती राज संस्थाएं इस योजना में आवेदन के योग्य हैं। कोई एक आवेदक सभी कामों के लिए आवेदन कर सकते हैं। एक ही परिवार के एक से अधिक लोग भी अलग-अलग आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि बैंक से आवेदन अनुमोदित होने पर बैंक पहली किश्त जारी करेगी और इसकी जानकारी संबधित को जारी करेगी।

इन संस्थाओं से ले सकते हैं कर्ज :

वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण और शहरी बैंक, स्टेट कॉपरेटिव बैंक, स्टेट कॉपरेटिव एग्रीकल्चर और रूरल डवलपमेंट बैंक और नाबार्ड से अनुमोदित अन्य संस्थाओं से कर्ज लिया जा सकता है। यह योजना वित्तीय संस्थाओं से कर्ज लेकर काम करने वालों के लिए ही होगी।

एससी-एसटी के फंड तय :    

नाबार्ड की ओर से जारी गाइड लाइन के अनुसार एससी के लिए 16.66 प्रतिशत और एसटी के लिए 8.66 प्रतिशत फंड देना जरूरी है।

(साभार-दैनिक भास्कर)

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12 thoughts on “खुशखबरी: गाय-भैंस पालो, डेयरी या चिलिंग प्लांट लगाओ, 25% तक सब्सिडी देगी सरकार”

  1. सर दुध पालन गाय प्लान्ट डालना है

  2. Sr mujhe chilling plant lagana h dairy to mene jafi salo se kr rakhi h iske liye kaha apply kru

  3. Sir. Mera naam Surya negi hai. Main Kotdwara Uttarakhand se hun. Mujhe ek mera mere desh vashiyo ke liye achi quality dudh provide Karana h. Mujhe cow farming ka thoda bohot experience hai magar nahi ptaa loan kase lun.. Or training kahan se hun.. Kripeya meri madat karein. Mera no. 7533976424 hai.

  4. इस योजना के आवेदन के लिए क्या करना होगा एवं किस विभाग से बात करना होगी

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