ज्यादा डेयरी प्रोडक्ट्स खाने वालों को नहीं होता है हृदय रोग का खतरा, जानिए क्या कहती है नई स्टडी

डेयरी टुडे नेटवर्क,
नई दिल्ली, 23 सितंबर 2021,

यदि आप डेयरी प्रोडक्‍ट जैसे दूध, दही, घी, छाछ, पनीर आदि का बहुत अधिक सेवन करते हैं और आपको यह डर सताता है कि कहीं इन वसायुक्‍त सामग्रियों से दिल की बीमारियां ना पनप जाएं तो अब आप ब्रेफिक्र हो जाइये। एक नया अध्‍ययन बताता है कि अधिक वसा की चीजें खाने से दिल के रोग नहीं होते। हालांकि इसका यह अर्थ नहीं है कि आप इन्‍हें जरूरत से अधिक खाएं। लेकिन शोध केवल यह बताता है कि अधिक वसा वाले दुग्ध उत्पादों का उपभोग करने से ह्रदय रोग के कारण होने वाली मौतों के बीच कोई संबंध नहीं है। ज्यादा वसा (फैट) वाले दुग्ध उत्पादों का उपभोग करने से ह्रदय रोग का खतरा नहीं होता है। नए अध्ययन में पाया गया कि जो लोग कम वसा (फैट) वाले दुग्ध उत्पादों का सेवन करते हैं, उनमें ज्यादा वसा वाले दुग्ध उत्पादों का प्रयोग करने वालों से ह्रदय रोग का खतरा ज्यादा मिला। द जार्ज इंस्टीट्यूट फार ग्लोबल हेल्थ के डा. मेटी मार्कंड ने बताया कि जिस तरह से डेरी उत्पादों का प्रयोग दुनिया में बढ़ रहा है, उस स्थिति में यह समझना जरूरी है कि उसका हमारे शरीर पर किस तरह से प्रभाव पड़ता है। यह अध्ययन जर्नल पीएलओएस मेडिसिन में प्रकाशित हुआ है।

ऐसे किया गया प्रभावों पर अध्‍ययन

डा. मेटी ने बताया कि हमने अध्ययन में डेरी उत्पादों के वसा की खून में मात्रा और उसके प्रभाव का अध्ययन किया है। अध्ययन में पाया गया कि जो लोग अधिक वसा वाले दुग्ध उत्पादों का सेवन कर रहे हैं, उनमें ह्रदय रोग के खतरे कम मिले। जो कम वसा वाले दुग्ध उत्पाद ले रहे थे, उनमें तुलनात्मक रूप से ज्यादा खतरे देखे गए।

ह्रदय को स्वस्थ रखने का अच्छा विकल्प नहीं

अध्ययन करने वाली टीम के डा. कैथी ट्रीउ ने बताया कि दुग्ध उत्पाद के वसा को कम करना या दूध से बने उत्पादों का उपभोग न करना ह्रदय को स्वस्थ रखने का अच्छा विकल्प नहीं हो सकता है। अध्ययनकर्ताओं ने परिणामों तक पहुंचने के लिए स्वीडन में चार हजार वयस्कों में डेरी उत्पादों के उपभोग का अध्ययन किया। इसी तरह का अध्ययन 17 अन्य देशों में भी किया गया।
(साभार)

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