इस राज्य में 25% सब्सिडी पर 5400 लाभार्थियों को क्रय कराई जा रही हैं 20 हजार गायें

डेयरी टुडे नेटवर्क,
देहरादून, 6 जुलाई 2020,

उत्तराखंड में डेयरी के जरिए ग्रामीणों की आर्थिक स्थित सुधारने की जोरदार पहल की जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत दूधली डोईवाला से समेकित सहकारी विकास परियोजना व गंगा गाय महिला डेरी योजना के अंतर्गत दुधारू पशु क्रय कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि योजना में 5400 लाभार्थियों को 20 हजार दुधारू पशु राज्य के बाहर से क्रय कराए जाने का लक्ष्य है। योजना के प्रथम वर्ष में 2800 लाभार्थियों को 10 हजार दुधारू पशु उपलब्ध कराए जाएंगे।

सीएम ने कहा कि लाभार्थियों को 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। स्वरोजगार से ही आत्मनिर्भर भारत की राह प्रशस्त हो सकता है। सीएम रावत ने विश्वास जताया कि राज्य के प्रतिभावान और परिश्रमी लोग आगे आकर मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का लाभ उठाएंगे और राज्य व देश के विकास में योगदान देंगे। मुख्यमंत्री टी एस रावत ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां मुख्यमंत्री स्वरोजगार जैसी योजना प्रारंभ की गई है। इसमें कोविड-19 से प्रभावित होकर वापस लौटे प्रवासियों के साथ ही युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उद्योग विभाग के तहत योजना शुरू करने के साथ ही अन्य विभिन्न विभागों की योजनाओं को भी इसमें समावेशित किया गया है।

बद्री गाय के संरक्षण के प्रयास

सीएम रावत ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य में दूध की उपलब्धता को बढ़ाना है। इसे देखते हुए निर्णय लिया गया कि गंगा गाय महिला डेरी योजना योजना के तहत दुधारू पशु राज्य के बाहर से लाए जाएंगे। साथ ही बद्री गाय के संरक्षण पर काम किया जा रहा है। बद्री गाय के घी की बाजार में कीमत काफी अधिक है। कोशिश की जा रही है कि इनकी दुग्ध क्षमता को बढ़ाया जा सके। इसमें कुछ सफलता भी मिली है।

20 हजार दुधारू पशु खरीदने का लक्ष्य

इस अवसर पर सहकारिता एवं दुग्ध विकास मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि कोरोना की महामारी के बाद उत्तराखण्ड के लोगों को सीएम ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की सौगात दी है। इस योजना के तहत प्रदेश के लाखों लोगों को रोजगार दिया जायेगा। डेरी विकास विभाग में राष्ट्रीय सहकारी विकास परियोजना के अंतर्गत डेरी क्षेत्र के लिए कुल 444.62 करोड़ रुपए स्वीकृत हैं। योजना के अंतर्गत लगभग 5400 लाभार्थियों को 20 हजार दुधारू पशु राज्य के बाहर से क्रय कराए जाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत इकाई लागत का 65 प्रतिशत लोन, 10 प्रतिशत लाभार्थी अंशदान और एनसीडीसी व राज्य अंतर्गत संचालित गंगा गाय महिला डेरी योजना से कुल 25 प्रतिशत अनुदान दिये जाने की व्यवस्था है। दुधारू पशुओं का बीमा पशुधन बीमा योजना में किया जाएगा।

दुग्ध विकास मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि पूरे प्रदेश में 500 मिल्क बूध की स्थापना की जा रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि डेरी के क्षेत्र में प्रदेश के 10 हजार से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि अगले दो महीने में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पशु मेले लगाए जाएंगे।

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